फाइनेंस क्या है। फाइनेंस के बारे मै माहिती।

फाइनेंस क्या है? आज के आर्थिक युग में हम बहुत कम उम्र में ही फाइनेंस शब्द सुन लेते हैं और हम में से कई के मन में फाइनेंस क्या है Finance meaning in Hindi यह सवाल बवाल मचाना शुरू कर देता है.

इसे आपने गूगल पर भी सर्च किया होगा लेकिन, इसका सही और सटीक जवाब नहीं मिल पाता है. इस लेख में हमने बहुत ही विस्तार से फाइनेंस का मतलब क्या है? इसे समझाने का प्रयास किया है.

1..फाइनेंस शब्द का अर्थ


फाइनेंस को हिंदी में क्या कहते हैं? आपने बचपन में पढ़ा होगा लगभग शब्द French या Latin भाषा से ही निकलता है. Finance के साथ भी ऐसा ही हुआ है. फाइनेंस शब्द फ्रेंच (French) भाषा से लिया गया है. जिसका हिंदी मतलब वित्त होता है.

अक्सर हम सुनते है फाइनेंस डिपार्टमेंट, फाइनेंस जॉब, फाइनेंस मिनिस्टर, फाइनेंस सलाहकार आखिर फाइनेंस का मतलब क्या है? फाइनेंस का मतलब पैसे के लेन देन से है.

फाइनेंस आपने आप में बहुत ही व्यापक शब्द है इसके बारें में जितना लिखा जाये उतना कम है. आसान भाषा में कहें तो फाइनेंस कई कामर्सियल कार्यविधियों का एक ग्रुप है.

फाइनेंस एक बहुअर्थीय शब्द है. किसी भी व्यक्ति, कंपनी तथा सरकार को काम के करने के लिये वित्त यानी फाइनेंस आवश्यक है. लेकिन, दुःख की बात है इसकी पढाई किसी स्कूल, या कॉलेज नहीं होता है.

2.फाइनेंस का क्या उपयोग है

कोई भी व्यक्ति, व्यापार संस्थान तथा सरकार बिना धन या फण्ड के नहीं चल सकता है! क्यूंकि, कोई भी कार्य उर्जा के बिना संभव नहीं है !

यह सर्च करने का मतलब है आप फाइनेंस को समझना चाहते हो. इसे जितना जल्दी समझ लिया जाये उतनी अच्छी बात है. जो भी व्यक्ति 30 की उम्र तक करोड़पति बना है या बनना चाहता है उसे फाइनेंस समझना होगा.

फाइनेंस अपने आप में बहुत बड़ा टॉपिक है. एक पोस्ट में इसके बारें में सब कुछ बता पाना संभव नहीं है. लेकिन, हर संभव प्रयास किया गया है फाइनेंस का मतलब समझा पाऊं.

जब किसी उद्देश्य या व्‍यवसाय के लिए पैसों का प्रबंध किया जाता है तो यह वित्तीयन (Financing) कहलाती है. इस धनराशि के लिए कुछ कीमत चुकाना होता है. जिसे ब्याज (Interest) कहते हैं.

Finance की जरूरत कंपनी, या उत्पादन कार्य शुरू करते वक़्त किया जाता है. कुछ लोग कंपनी के खर्चे को चलने के लिए भी फाइनेंसियल हेल्प ढूंढते हैं. यह बिलकुल भी नहीं करना चाहिए.

3.फाइनेंस क्या है?

क्या कभी आपने समुद्र देखा है? फाइनेंस भी कुछ ऐसा ही है. पैसा के मामले में फाइनेंस भी समुद्र ही है. कोई भी व्यक्ति इसके बारें में सब कुछ नहीं जनता है. इसके बारें में जितना जानकारी है उतना कम है.

फाइनेंस (Finance) को हिंदी में वित्त कहते हैं. इसका मतलब है किसी भी कार्य, उत्पादन, कंपनी, व्यवस्था को सुचारु रुप से संचालन करने के लिए जिस आवश्यक पूंजी की जरूरत है उसे फाइनेंस (वित्त) कहते हैं.


पूँजी का सीधा सम्बन्ध पैसा, मुद्रा से होता है. क्यूंकि, किसी भी कंपनी, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, संस्था, स्टार्टअप को सुचारु रूप से चलने के लिए कुछ सेटअप लगाना होता है. कर्मचारी को तनख्वाह देना होता है. यह सब कार्य पैसे से ही हो सकता है.

इन आवश्‍यकताओं की पूर्ति खुद के इन्वेस्टमेंट से किया जा सकता है या कुछ संस्थाए हैं जो लोन मुहैया करवाती है. ऐसी संस्था को वित्तीय संस्था (Financial Institution) कहते हैं.

4.फाइनेंस के प्रकार


आसान भाषा में वित्त या फाइनेंस की परिभाषा धन के प्रबंधन के रूप में की जाती है. लेकिन  फाइनेंस को तीन भागों में बांटा गया है.

फाइनेंस के प्रकार आधुनिक युग में फाइनेंस को तीन भागों में विभाजित किया गया है.

व्यक्तिगत वित्त
निगम वित्त
लोक वित्त
​ऊपर बताया गया तीनों प्रकार के फाइनेंस का कार्य समान हैं जैसे

सही इंवेस्ट करना
कम ब्याज पर लोन प्राप्त करना
देनदारी के लिये फंड की व्यवस्था करना
और बैंकिंग का सही ज्ञान होना
लेकिन व्यक्ति, कंपनी, और सरकार के मामले में इसका मतलब बदल जाता है. सभी तरह के फाइनेंस के बारें में विस्तार से भी लेख लिखा गया है आप ऊपर दिये गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं.

5.पर्सनल फाइनेंस क्या होता है?

व्यक्तिगत वित्त का प्रबंधन है.  “पर्सनल फाइनेंस”, में किसी व्यक्ति के धन की कहानी निहित है जो यह सिखाती है.

धन कैसे संभाला जाये.
धन पर नियंत्रण कैसे रखते हैं.
उपलब्ध धन मतलब अभी जो संपत्ति है उससे ज्यादा से ज्यादा धन कैसे बनाया जाये.

6.कॉरपोरेट फाइनेंस क्या हे

कॉरपोरेट फाइनेंस जिसे हम निगम वित्त भी कहते हैं, इसमें एक कंपनी, संगठन या समूह की कमाई, खर्च, और बचत की प्लानिंग और फ्रीडम की बात की जाती है.

7.पब्लिक फाइनेंस क्या है?

इसमें दो शब्द है, पहला पब्लिक और दूसरा फाइनेंस पब्लिक का मतलब लोगों से है और फाइनेंस का मतलब तो पता ही है.

पब्लिक मतलब लोग मतलब लोगों का पैसा तो इसका मतलब क्या है? यहां पब्लिक मतलब जनता से है और जनता किसे चुनती है? जनता सरकार को चुनती है.

मतलब पब्लिक फाइनेंस में सरकार के फाइनेंसियल सिस्टम के बारें में बताया गया है. सरकार की आमदनी, खर्च और यदि किसी कारनवश सरकार को कर्ज लेना हुआ तो कर्ज कहाँ से लेती है.

8.क्या  है फाइनेंस मे

सफल व्यवसायी बनने के लिए या जीवन में आर्थिक छुटकारा पाने के लिए फाइनेंसियल शिक्षा का होना जरूरी है. कई ऐसे लोग हैं जिनकी कमाई लाखों में है लेकिन, वित्तीय शिक्षा के आभाव में उन्हें सिर्फ कामना ही होता है.

वह कभी आगे की सोच नहीं रख पाते हैं. कुछ लोग बहुत काम उम्र में अपने काम से रिटायर हो जाते हैं लेकिन कुछ लोगों को आखिरी सांस तक काम करना होता है.

इन दोनों में फाइनेंसियल शिक्षा का अंतर होता है. अच्छा फाइनेंसियल नॉलेज रखने वाले व्यवसायी या नौकरी पेशा वाले हमेशा काम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त करना चाहते है, और अपने निवेश पर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न की उम्मीद करते हैं.

शायद आपका प्रश्न हो सकता है. मैं दूसरे केटेगरी में कैसे का सकता हूं, इसका जवाब है वित्तीय शिक्षा . सही वित्तीय शिक्षा बेहतरीन जीवन दे सकता है.

धन के प्रबंधन का विज्ञान ही फाइनेंस है. जिसमें निवेश, नकदी प्रवाह और जरूरी वित्त संसाधन प्राप्त करने की वास्तविक प्रक्रिया सिखाया जाता है.

यदि यहाँ से लोन लेकर कोई भी प्रोडक्ट खरीदते हो और इनका लोन अमाउंट 3 से 6 महीने में वापिस कर दोगे तो यह कंपनी Zero Percent (0%) ब्याज दर पर फाइनेंस करता है. लेकिन यदि समय ज्यादा होगा तो ब्याज भी देना होगा.

इसी तरह समय के आधार पर फाइनेंस का क्लासिफिकेशन किया गया है.

9.मध्‍यकालीन वित्‍त

ऋण की अवधि 15 महीने से 5 वर्ष तक की होती है और इसका उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग या प्रॉपर्टी के लिए होता है.

10.दीर्घकालीन वित्‍त

5 वर्ष से अधिक समय के लिए जो ऋण लिया जाता है उसे दीर्घकालीन वित्‍त कहते हैं इसका उद्देश्य परिसंपत्तियों का निर्माण करने के लिए होता है.

11.फयनांश संबंध

फाइनेंस का सीधा सम्बन्ध रुपया पैसा के प्रबंधन से है. अच्छी वित्तीय ज्ञान के साथ कम समय में कम पैसे से भी बहुत अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

वित्तीय शिक्षा के अभाव में व्यवसायी या नौकरी करने वाला व्यक्ति समुचित धन नहीं जुटा पाता है.का सीधा मतलब रुपया पैसा धन दौलत के सही पप्रबंधन से है.

यह धन राशि किसी व्यक्ति या किसी संस्था या सरकार का हो सकता है. फाइनेंसियल एजुकेशन के लिए कुछ किताब है जिसे पढ़ सकते हो. लेकिन, यदि किताब पढ़ने का समय नहीं है तो यूट्यूब वीडियो भी देख सकते हो.

उम्मीद है फाइनेंस शब्द का मतलब जरूर समझ आ गया होगा. फाइनेंस अपने आप में बहुत बड़ा सागर है. लेकिन बहुत दुःख की बात है किसी भी शैक्षणिक संसथान में फाइनेंसियल एजुकेशन / वित्तीय शिक्षा नहीं दी जाती है.

ऐसे में हमारा यह प्रयास है आप तक वित्तीय शिक्षा की समझ को लेकर आये. यदि आप भी कुछ शेयर करना चाहते हो तो हमसे संपर्क कर सकते हो.

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